Different dementia diseases and symptoms अलग अलग रोग और डिमेंशिया लक्षण

डिमेंशिया के लक्षणों का मूल कारण है मस्तिष्क में हुई हानि, जिसके कारण व्यक्ति के सोचने-समझने और काम करने में समस्याएँ होने लगती हैं. मोटे तौर पर सब लक्षण संज्ञान से संबंधित हैं, पर फिर भी, किसी विशिष्ट व्यक्ति में कौनसे लक्षण पेश होंगे, वे कितने गंभीर होंगे, और समय के साथ कैसे बढ़ेंगे, यह फर्क रहता है.

मस्तिष्क के कई भाग हैं और वे अलग अलग कार्यों का नियंत्रण करते हैं. डिमेंशिया के लक्षण अनेक रोगों के कारण हो सकते हैं. यह सब रोग मस्तिष्क में हानि से संबंधित हैं, पर हर रोग में मस्तिष्क के किस भाग में कितनी हानि होती है, और समय के साथ यह कैसे बढ़ती है, यह अलग अलग है. मस्तिष्क के किस भाग में कितनी क्षति हुई है, लक्षण उसके अनुसार ही होंगे.

उदाहरणतः, अल्ज़ाइमर रोग (Alzheimer’s Disease) में शुरू में हिप्पोकैम्पस (hippocampus) में असामान्य प्रोटीन खंड जमा होने लगते हैं. हिप्पोकाम्पस हमारे मस्तिष्क का वह भाग है जिसका सम्बन्ध हाल में हुई घटनाओं को याद रखने से है. इसलिए अल्ज़ाइमर रोग का एक शुरूआती लक्षण यह है कि व्यक्ति को कुछ ही देर पहले हुई बातों को याद रखने में दिक्कत होने लगती है (short term memory loss). जैसे जैसे रोग के कारण मस्तिष्क में हानि अन्य भागों में फैलती है, उन प्रभावित भागों से संबंधित कार्यों में भी व्यक्ति को दिक्कत होने लगती है.

Gray739-emphasizing-hippocampusअल्ज़ाइमर में सबसे पहले प्रभावित भाग है हिप्पोकैम्पस

पर एक अन्य डिमेंशिया रोग है फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया (Fronto-temporal dementia). वास्तव में यह एक रोग नहीं, बल्कि एक ऐसे रोगों का समूह है जिन सब में हानि मस्तिष्क के फ्रंटल लोब और टेम्पोरल लोब में होती है.

फ्रंटल लोब (frontal lobe, ललाटखंड, मस्तिष्क का सामने वाला भाग) का सम्बन्ध हमारे निर्णय लेने की क्षमता से है. क्या महत्त्वपूर्ण है और क्या नहीं, किस कार्य करने का क्या अंजाम होगा, हम चुनाव कैसे करें, कौन सा व्यवहार समाज में अनुचित है, यह सब हम अपने फ्रंटल लोब के कारण जाना पाते हैं और कर पाते पाते हैं. ध्यान देना और योजना बनाना, भावनाओं के नियंत्रण रखना, इन सब में फ्रंटल लोब की जरूरत है. टेम्पोरल लोब (temporal lobe, शंख खंड) का भाषा समझने और इस्तेमाल करने से, और इन्द्रिओं से आये संकेत समझने और याद रखने से है.

Cerebrum lobesफ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया में फ्रंटल लोब और टेम्पोरल लोब के कुछ अंशों में हानि होती है

जब किसी व्यक्ति को फ्रंटोटेम्पोरल किस्म का डिमेंशिया होता है, तो शुरूआती लक्षण अधिकतर भाषा-संबंधी या व्यवहार संबंधी होते हैं, याददाश्त संबंधी नहीं. यह इसलिए क्योंकि हानि मस्तिष्क के फ्रंटल लोब और टेम्पोरल लोब में हुई है, हिप्पोकैम्पस में नहीं. पर फ्रंटोटेम्पोरल किस्म का डिमेंशिया में भी, कौनसे लक्षण पेश आयेंगे यह इस बात पर निर्भर है कि फ्रंटल और टेम्पोरल लोब के किस अंश में कितनी हानि हुई है. हो सकता है एक व्यक्ति का व्यवहार अशिष्ट या अश्लील हो, पर दूसरे व्यक्ति में पहले दिखना वाला प्रमुख लक्षण हो भाषा की समस्या.

एक और उदाहरण है संवहनी मनोभ्रंश (नाड़ी-संबंधी डिमेंशिया, Vascular dementia). यह नाड़ी-संबंधी समस्याओं के कारण होने वाले डिमेंशिया के लिए एक व्यापक शब्द है. मोटे तौर पर कहें तो रक्त वाहिकाओं में समस्याओं के कारण मस्तिष्क के कुछ भागों में खून कम पहुँचता है, या बिलकुल ही नहीं पहुँचता, और नतीजन मस्तिष्क का कुछ भाग नष्ट हो जाता है. कौनसे लक्षण नज़र आयेंगे यह इसपर निर्भर है कि मस्तिष्क के किस भाग में क्षति हुई है, और क्षति कितनी गंभीर है.

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