Tag Archives: types of dementia

डिमेंशिया के मुख्य प्रकार (भाग 4): अल्ज़ाइमर रोग

डिमेंशिया के लक्षण कई रोगों के कारण हो सकते हैं। अल्ज़ाइमर रोग (Alzheimer’s Disease, AD) सबसे ज्यादा पाया जाने वाला डिमेंशिया रोग है। यह माना जाता है कि अल्जाइमर रोग डिमेंशिया के करीब 50-75% केस के लिए जिम्मेदार है। यह अकेले भी पाया जाता है, और अन्य डिमेंशिया के साथ भी मौजूद हो सकता है (जैसे कि संवहनी मनोभ्रंश या लुई बॉडी डिमेंशिया के साथ)।

[यह पोस्ट अल्ज़ाइमर रोग (Alzheimer’s Disease, AD) : एक परिचय पृष्ठ का एक संक्षिप्त संस्करण है।]

अल्ज़ाइमर रोग में मस्तिष्क में हानि होती है-मस्तिष्क में न्यूरोफिब्रिलरी टैंगिल और बीटा-एमीलायड प्लैक देखे जाते हैं, और मस्तिष्क सिकुड़ने लगता है. मस्तिष्क की हानि के कारण व्यक्ति में लक्षण नजर आते हैं। शुरू में ये लक्षण हलके होते हैं और कई बार लोग इन पर ध्यान नहीं देते। सबसे आम प्रारंभिक लक्षण है याददाश्त की समस्या। इस लिए इस रोग को कई लोग “भूलने की बीमारी”, “स्मृति-लोप” और “याददाश्त की समस्या” के नाम से भी जाना जाता है। शुरू में अन्य भी कई लक्षण होते हैं, जैसे की अवसाद, अरुचि, समय और स्थान का सही बोध न होना, वगैरह।

अल्ज़ाइमर रोग एक प्रगतिशील रोग है, और इस में हो रही मस्तिष्क में हानि समय के साथ बढ़ती जाती है। लक्षण भी गंभीर होते जाते हैं। व्यक्ति को सभी कामों में दिक्कत होने लगती है। रोग के अंतिम चरण में व्यक्ति अधिकाँश समय बिस्तर पर ही रहते हैं और पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं।

mantra image

अल्ज़ाइमर रोग किसी को भी हो सकता है। यह बड़ी उम्र के लोगों में अधिक देखा जाता है, पर कम उम्र में भी हो सकता है।

अफ़सोस, अल्ज़ाइमररोग लाइलाज है। इस को रोकने या ठीक करने के लिए दवा नहीं है। पर कुछ दवा और गैर-दवा वाले उपचार से लक्षणों से कुछ राहत मिल पाती है।

इस रोग से बचने के लिए कोई पक्का तरीका मालूम नहीं है, पर यह माना जाता है कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली से इस की संभावना कुछ कम हो सकती है। हृदय स्वास्थ्य के लिए जो कदम उपयोगी है, वे इस से बचाव में भी उपयोगी हैं (What is good for the heart is good for the brain)।

यह पोस्ट अल्ज़ाइमर रोग (Alzheimer’s Disease, AD) : एक परिचय पृष्ठ का एक संक्षिप्त संस्करण है। अल्ज़ाइमर रोग पर अधिक जानकारी के लिए और अन्य संसाधन के लिए क्लिक करें: अल्ज़ाइमर रोग(Alzheimer’s Disease, AD) : एक परिचय पृष्ठ — इस पृष्ठ पर चर्चा के विषय हैं: अल्ज़ाइमर रोग क्या है, इस के लक्षण क्या हैं, यह समय के साथ कैसे बिगड़ता है, यह किसे हो सकता है, रोग-निदान और उपचार, यह किसे हो सकता है, उम्र और इस रोग के बीच का सम्बन्ध, अब तक ज्ञात कारक, रोग की अवधि, और अधिक जानकारी और सपोर्ट के लिए उपलब्ध संसाधन।

अन्य प्रमुख प्रकार के डिमेंशिया पर भी हिंदी पृष्ठ देखें:


ब्लॉग एंट्री शेयर करने के लिए नीचे दिए बटन का इस्तेमाल करें. धन्यवाद!

डिमेंशिया के मुख्य प्रकार (भाग 1): संवहनी डिमेंशिया (वैस्कुलर डिमेंशिया)

संवहनी डिमेंशिया (मनोभ्रंश) एक प्रमुख प्रकार का डिमेंशिया है जो डिमेंशिया के 20-30% केस के लिए जिम्मेदार है। यह अकेले भी पाया जाता है, और अन्य डिमेंशिया के साथ भी मौजूद हो सकता है (जैसे कि अल्ज़ाइमर और लुई बॉडी डिमेंशिया के साथ)।

(यह पोस्ट संवहनी डिमेंशिया (वैस्कुलर डिमेंशिया, Vascular dementia): एक परिचय पृष्ठ का एक संक्षिप्त संस्करण है।)

brain vascular system

हमारे मस्तिष्क के ठीक काम करने के लिए मस्तिष्क में खून ठीक से पहुंचना चाहिए। इस के लिए हमारे मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं का एक नेटवर्क होता है (वैस्क्युलर सिस्टम)। संवहनी डिमेंशिया में मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में समस्या होती है, और मस्तिष्क के कुछ भागों में खून की सप्लाई ठीक नहीं रहती। इस तरह की हानि के कारण संवहनी डिमेंशिया के लक्षण नजर आते हैं।

रक्त के प्रवाह में हानि स्ट्रोक सम्बंधित हो सकती है, जब व्यक्ति को स्ट्रोक मिनी-स्ट्रोक हो। अन्य प्रकार की रक्त-वाहिका संबंधी हानि भी हो सकती है: मस्तिष्क में कई छोटी वाहिकाएं हैं जो गहरे भागों (श्वेत पदार्थ) में खून पहुंचाती हैं। इन में कुछ रोगों के कारण हानि हो सकती है, जैसे कि इनका सिकुड़ जाना, अकड़ जाना, इत्यादि (सबकोर्टिकल संवहनी डिमेंशिया)।

संवहनी डिमेंशिया में लक्षण इस पर निर्भर हैं कि हानि कहाँ और कितनी हुई है।

संवहनी डिमेंशिया की एक ख़ास बात यह है कि यदि हम मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में अधिक हानि न होने दें, तो लक्षण भी नहीं बढ़ेंगे। पर यदि व्यक्ति को एक और स्ट्रोक हो जाए, तो रातों-रात लक्षण काफी बिगड़ सकते हैं।

संवहनी डिमेंशिया की संभावना कम करने के लिए, और इस को बढ़ने से रोकने के लिए कारगर उपाय मौजूद हैं। स्वास्थ्य और जीवन शैली पर ध्यान देने से हमारी रक्त वाहिकाएं ठीक रहेंगी। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, और इस तरह की जीवन-शैली सम्बंधित बीमारियों से बचें, या इन्हें नियंत्रण में रखें। इस से संवहनी डिमेंशिया की संभावना कम होगी, और यदि यह हो भी तो हम इसकी प्रगति धीमी कर सकते हैं। हृदय स्वास्थ्य के लिए जो कदम उपयोगी है, वे रक्त वाहिका समस्याओं से बचने के लिए भी उपयोगी हैं।

यह पोस्ट संवहनी डिमेंशिया (वैस्कुलर डिमेंशिया, Vascular dementia): एक परिचय पृष्ठ का एक संक्षिप्त संस्करण है। संवहनी डिमेंशिया पर अधिक जानकारी के लिए और अन्य संसाधन के लिए क्लिक करें: इस पृष्ठ पर चर्चा के विषय हैं — संवहनी डिमेंशिया (मनोभ्रंश) क्या है, संवहनी डिमेंशिया के प्रकार (स्ट्रोक से संबंधित डिमेंशिया, सबकोर्टिकल संवहनी डिमेंशिया), इस के लक्षण और ये कैसे बढ़ते हैं, इस के उपचार, और इस पर अधिक जानकारी के लिए संसाधन।

अन्य प्रमुख प्रकार के डिमेंशिया पर भी हिंदी पृष्ठ देखें:

मस्तिष्क के वैस्क्यूलर सिस्टम के चित्र का श्रेय: National Institute of Aging

ब्लॉग एंट्री शेयर करने के लिए नीचे दिए बटन का इस्तेमाल करें. आपके कमेंट भी आमंत्रित हैं. धन्यवाद!